आप अपने देश में कुछ काम नहीं कर रहे और यह सोच रहे हैं विदेश जाऊंगा और बहुत पैसा कमा लूंगा। यह कोई भी काम कर लूंगा तो यह सोच गलत है। क्योंकि यदि आपके पास स्किल नहीं होगा तो आप दुनिया के किसी भी कोने में नहीं कमा सकते है। यदि आपके पास टेक्निकल स्किल हो तो आप दुनिया के किसी भी कोने में कमा सकते हैं। विदेश में जाकर भी बढ़िया पैसा छाप सकते हैं इसलिए अपने स्किल पर ध्यान दें। यदि आपके पास स्किल है तो कही कहीं भी कमा सकते हैं।
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| विदेश जाने से पहले स्किल सीखे |
विदेश जाने से पहले स्किल जरूर सीखे ?
1. लैंग्वेज प्रॉब्लम
आप जिस भी देश में जाने की प्लानिंग कर रहे हैं। आपको वहां का भाषा का थोड़ा बहुत नॉलेज होना चाहिए। अगर आपको वहां का भाषा नहीं सीखनी है तो आपको इंग्लिश भाषा तो आना ही चाहिए। यदि आपको इंग्लिश नहीं आता है तो आप दुनिया के किसी भी कोने में जाओ भाषा की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए हमारा आपसे राय यही है। कहीं भी जाने से पहले पूरी प्लानिंग के साथ जाए और साथ में अंग्रेजी भाषा का सिख कर ही जाए तभी जाकर कमा सकते हैं।
2. Sraco company में काम करने का मेरा एक्सपीरियंस
अभी मई में सरको कंपनी में 2022 में वॉल पेंटर से आया लेकिन यहां पर कुछ पढ़ा लिखा होने की वजह से मेरा सिलेक्शन स्टोर कीपर में हो गया क्योकि स्टोर का काम मैं पहले से जानता था। स्टोर का काम करने लगा काम करते करते मुझे कुछ समय बीत गया। ओवर टाइम नहीं मिल रहा था इसके लिए सबसे पहली बार हम लोगों ने ओवर टाइम के लिए स्ट्राइक किया।तब जाकर ओवरटाइम टाइम भी मिलने लगा। मैं अच्छी तरह से स्टोर का काम ईमानदारी के साथ निभाया। जब हमने अपना 2 साल का कांटेक्ट पूरा किया तो घर जाने से पहले पैसे बढ़ाने का डिमांड किया लेकिन पैसा बढ़ाने के लिए कंपनी तैयार नहीं था। लेकिन इंजीनियर बात हुई की छुट्टी काट के आने के बाद से कुछ बात होगी।
3. सऊदी में २ साल बाद कितने दिन का छुट्टी मिलती है ?
२ साल बाद जब मैं छुट्टी पर गया तो 42 का पैसा लगभग 2200 रियल दिया और साथ में एयर इंडिया फ्लाइट का टिकट भी दिया। मै 42 दिन का छुट्टी काट के वापस आने के बाद मैं जब ओवर टाइम फिक्स करने के लिए कंपनी से डिमांड किया तो कंपनी ने साफ इनकार किया। फिर मैं स्टोर कीपर का काम छोड़कर जैसे कि मैं वॉल पेंटर से आया था। कोटिंग ग्रुप में चला गया कोटिंग ग्रुप में मैं लगातार काम करते रहा वहां पर लगभग 150 रियाल से 200 रियाल तक ओवर टाइम आता रहा। 2 साल एग्रीमेंट ख़तम करने के बाद कंपनी से सैलेरी इंक्रीमेंट की बात की तो कंपनी ने साफ मना कर दिया।
अब मई Sraco company फाइनल जा रहा हूं क्योकि महंगाई बढ़ रही है। कंपनी में इस वक्त ओवर टाइम भी नहीं चल रहा है। इतनी कम सैलरी में फैमिली चलने वाला नहीं है क्योंकि हम लोगों का सैलरी बहुत कम है।
अब दूसरे कंपनी के लिए तैयारी कर रहा हु लेकिन एक गलती मुझसे यह हुई है कि मैं अगर पहले ही 2 साल पर छुट्टी के बजाय फाइनल जाता तो शायद दूसरी कंपनियों में अच्छी सैलरी पर आ सकता था। ऐसा लोग कहते हैं मेरा भी विश्वास है लेकिन मैं आज अपनी 2 साल के गलती के वजह से जितना पहले कमा रहा था उतना ही आज भी कमा आ रहा हूं।
4. विदेश जाने से पहले आपको क्या करना चाहिए ?
विदेश आने से पहले सबसे आपको कुछ स्किल आना चाहिए जो टेक्निकल हो उसमें आपको सैलरी बढ़िया मिल जाता है। आने से पहले कंपनी कैसी है पता करके आना चाहिए नहीं तो आप यहां आकर कुछ नहीं कमा पाएंगे। आप अपने देश से कम ही कमा पाएंगे। यदि आप कम सैलरी में आ गए तो दिक्कत यह है कि यदि सैलरी चाहे जितना हो 2 साल का एग्रीमेंट साइन हो जाने के बाद आप यहां से जा नहीं सकते। यदि आप रिजाइन लगाकर जाते हैं तो कंपनी आपसे 2 महीने का पैसा मांगती है। आप यहां से जान मुश्किल हो जाता है। अगर आपको विदेश जान है तो ऐसी कोई अच्छा स्किल सीखिए। अगर बेसिक सैलरी अच्छा लगता है तो विदेश आइये अन्यथा अपने ही गांव कोई ना कोई काम कीजिए। सुझाव अगर कमाई नहीं है तो विदेश में जाना बेवकूफी है .
5. विदेश में खाना को लेकर समस्या
विदेश में रहने के लिए तो अच्छा जगह मिल जाता है एयर कंडीशन रूम मिल जाता है। हीटर मिल जाता है लेकिन खाने को लेकर हर जगह कठिनाइयां झेलनी पड़ती है। किसी किसी कंपनी में खाना बना बनाया मिलता है लेकिन वह खाना अच्छा नहीं होता है. आपको घर के खाने की आदत है इसलिए आप उसे नहीं खा पाएंगे लेकिन कोई बात नहीं धीरे धीरे आदत पड़ जाता है। किसी किसी कंपनियों में खाना खुद से बनाकर खाने ऑप्शन होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि आपको खाना बनाना आता होगा तभी बनाकर खा पाएंगे। आप सोचिए जिसने कभी भी खाना नहीं बनाया हो और उसे डिप्टी से आकर खाना बनाना पड़े तो कितनी मुश्किल की बात है। यह समस्या हर किसी के साथ है कोई खाना बनाना नहीं चाहता है।
6. होटल का खाना से काम नहीं चलता।
होटल का खाना- यदि आप सोच रहे हैं कि खाना नहीं बनाऊंगा होटल से खरीद के खा लूंगा तो आपको एक बात बता दूं कि कहीं- कहीं तो होटल कैंप से काफी दूर होता है। जिससे आप जाकर खाना लाना मुश्किल होता है। कंपनी रोज गाड़ी नहीं देगी जिससे की आप होटल से खाना खरीद के खा सके यदि किसी कैंप के पास होटल नजदीक भी हो तो खरीद के खान खाना मुश्किल काम क्योंकि खाना महंगे होते हैं। अगर आप रोज खाना खरीद कर खाएं तो आपकी आधी सैलरी उसी में चली जाएगी इसीलिए होटल का खाना खाकर आप पैसे नहीं बचा सकते हैं।
7. विदेश में महंगाई महंगाई कितनी होती है ?
महंगाई वहां के हिसाब से होती है मान लीजिए की आपके इंडिया में आलू का दाम १० रुपया है तो वही सऊदी में 10 रियाल किलो के हिसाब से मिलेगा। आपके यहां कुरकुरे एक रुपए में मिलते हैं तो सऊदी, दुबई में एक रियल में कुरकुरे मिलेंगे। यह रेट यहाँ के लिए उचित रेट है। हमलोगो का सैलरी कम होता है इसलिए हम लोगों को वह मंगा पड़ता है। आप यहां हर चीज नहीं खरीद सकते हैं। यहां पर एक एक रियाल बड़ी हिसाब किताब से खर्च करना पड़ता है नहीं तो यहां से एक रुपए नहीं बचाने वाला है। दूसरी बात यह है कि यहां पर बहुत सारी दुकान नहीं होती है तथा इसलिए मोल भाव भी नहीं होता है।
8. विदेश में डिप्टी कैसे होता है ? (टाइमिंग)
विदेश में डिप्टी के लिए आने जाने का गाड़ी कंपनी देती है लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि गाड़ी मिलता है। आपको कैंप से ड्यूटी के लिए एक या डेढ़ घंटे पहले निकालना पड़ता है। कोई कोई कंपनी ऐसी है जो आपके गाड़ी में आने जाने समय भी डिप्टी में अकाउंट करती है लेकिन कई ऐसी कंपनी है जो आने जाने का टाइम ड्यूटी में अकाउंट नहीं करती है। यदि आपको सुबह 5:00 बजे से गाड़ी ड्यूटी लेकर जाता है शाम को 5:00 लेकर वापस आता है। कुल 12 घंटे समय आपके लगते हैं जिसमे कंपनी आपको आने जाने का डिप्टी टाइम में नहीं जोड़ती है तो आपका ड्यूटी 12 घंटे की जगह पर 10 घंटे ही लिखा जाएगा। 2 घंटे ओवर टाइम नहीं लिखा जाएगा।
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२. सऊदी में किस काम में ज्यादा पैसा है ?
यह सिस्टम सभी कंपनियों में नहीं है लेकिन किसी किसी कंपनी में ऐसा ही है यह दो घंटा जो आने जाने का टाइम होता है। तुम्हारा बेकार चला जाता है जबकि यह काम अपने के देश इंडिया में नहीं होता है। वहां पर आदमी जहां रहता है वहां से साइड नजदीक होता है 10 मिनट में जाओ और ड्यूटी में लग जाओ 10 मिनट में अपने रूम पर चले जाओ इस तरह से यह टाइम आपका पूरा पूरा बच जाता है।
9. विदेश में पीने का पानी पानी की समस्या
मैं जिस कंपनी में अभी हूं उस कंपनी में पीने का पानी फ्री मिलता है गाड़ी आती है और एक बड़े से टैंक में भर कर चली जाती है। जहा से सभी लोग पानी पीते हैं जो उतना अच्छा नहीं होता है।कुछ गिने चुने लोग जैसे सुपरवाइजर, इंजीनियर अपना खरीद कर पीते हैं। एक पानी का २० लीटर का डिब्बा आता है 8 रियाल का पड़ता है। 3 से 4 दिन चलता है लेकिन मजदूर लोग उसी टैंक का पानी पीते हैं। कोई कोई कंपनी ऐसी भी है जहां पर सब को खरीद कर पीना पड़ता है।
नहाने की पानी की समस्या - नहाने का पानी सभी कंपनी में सप्लाई का आता है जिससे नहाना , धोना रहता है लेकिन एक समस्या है की कभी-कभी लाइट नहीं होने की वजह से पानी चला जाता है। जिसके वजह से नहाने में भी परेशानी उठानी पड़ सकती है। नहाने के लिए आपको चार चार या पांच घंटे इंतजार करने पड़ सकते हैं।
10.. विदेश में ओवरटाइम की समस्या
ओवरटाइम किसी कंपनी में ओवर टाइम चलता है तो किसी कंपनी में नहीं चलता है जिसका सैलरी कम है उसके ओवर टाइम जरूरी है इसलिए कम सैलरी पर आ रहे हैं तो यह पता करके जरूर आये की आपकी कंपनी में ओवर टाइम चल रहा है कि नहीं। ओवर टाइम के पैसे से खुराकी निकल जाता है। यदि ओवर टाइम नहीं चल रहा है तो आपको अपने बेसिक से ही खाना का पैसा खर्च होगा। किसी किसी कंपनी में ओवर टाइम 2 घंटे चलता है और उसके बदले में 3 घंटे मिलता है लेकिन किसी किसी कंपनी में ओवर टाइम आप 2 घंटे करेंगे तो 2 घंटा ही मिलेंगे।
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